अन्वयः
गम्यताम् you may go now, अनुजानामि I give you my consent, रामस्य to Rama, अनुचरी भव be his companion, मधुरम् sweetly, कथयन्त्या storytelling, त्वया by you, अहम् I, परितोषिता thoroughly contented.
M N Dutt
Go you; I permit you. Do you seek the society of Rāma. I have been pleased with your sweet converse.
Summary
With my permission you may go now and be a companion of Rama. I am thoroughly contented with your story told so sweetly.
पदच्छेदः
| गम्यताम् | गम्यताम् (√गम् प्र.पु. एक.) |
| अनुजानामि | अनुजानामि (√अनु-ज्ञा लट् उ.पु. ) |
| रामस्यानुचरी | राम (६.१)–अनुचर (१.१) |
| भव | भव (√भू लोट् म.पु. ) |
| कथयन्त्या | कथयत् (√कथय् + शतृ, ३.१) |
| हि | हि (अव्ययः) |
| मधुरं | मधुर (२.१) |
| त्वयाहं | त्वद् (३.१)–मद् (१.१) |
| परितोषिता | परितोषित (√परि-तोषय् + क्त, १.१) |
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|
| ग | म्य | ता | म | नु | जा | ना | मि |
| रा | म | स्या | नु | च | री | भ | व |
| क | थ | य | न्त्या | हि | म | धु | रं |
| त्व | या | हं | प | रि | तो | षि | ता |