पदच्छेदः
| इति | इति (अव्ययः) |
| राज्ञो | राजन् (६.१) |
| वचः | वचस् (२.१) |
| श्रुत्वा | श्रुत्वा (√श्रु + क्त्वा) |
| कैकेयी | कैकेयी (१.१) |
| तदनन्तरम् | तद्–अनन्तरम् (अव्ययः) |
| स्वयम् | स्वयम् (अव्ययः) |
| एवाब्रवीत् | एव (अव्ययः)–अब्रवीत् (√ब्रू लङ् प्र.पु. एक.) |
| सूतं | सूत (२.१) |
| गच्छ | गच्छ (√गम् लोट् म.पु. ) |
| त्वं | त्वद् (१.१) |
| रामम् | राम (२.१) |
| आनय | आनय (√आ-नी लोट् म.पु. ) |
छन्दः
अनुष्टुप् [८]छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|---|---|---|---|---|---|---|
| इ | ति | रा | ज्ञो | व | चः | श्रु | त्वा |
| कै | के | यी | त | द | न | न्त | रम् |
| स्व | य | मे | वा | ब्र | वी | त्सू | तं |
| ग | च्छ | त्वं | रा | म | मा | न | य |