अन्वयः
स: he, राजवचनम् words of the king, श्रुत्वा having heard, तम् him, शिरसा bowing with his head down, प्रतिपूज्य offering salutations, महत् great, प्रियम् happy, मन्यमान: while reflecting, नृपावासात् from the kings's palace, निर्जगाम went out.
Summary
At these words of the king, he offered his salutations by bowing his head and left the king's apartment, reflecting on the great happy event.
पदच्छेदः
| स | तद् (१.१) |
| राजवचनं | राजन्–वचन (२.१) |
| श्रुत्वा | श्रुत्वा (√श्रु + क्त्वा) |
| शिरसा | शिरस् (३.१) |
| प्रतिपूज्य | प्रतिपूज्य (√प्रति-पूजय् + ल्यप्) |
| तम् | तद् (२.१) |
| निर्जगाम | निर्जगाम (√निः-गम् लिट् प्र.पु. एक.) |
| नृपावासान् | नृप–आवास (५.१) |
| मन्यमानः | मन्यमान (√मन् + शानच्, १.१) |
| प्रियं | प्रिय (२.१) |
| महत् | महत् (२.१) |
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|
| स | रा | ज | व | च | नं | श्रु | त्वा |
| शि | र | सा | प्र | ति | पू | ज्य | तम् |
| नि | र्ज | गा | म | नृ | पा | वा | सा |
| न्म | न्य | मा | नः | प्रि | यं | म | हत् |