अन्वयः
चन्द्रांशुविकचप्रख्यम् resembling diffused rays of the moon, काञ्चनम् made of gold, रत्नभूषितम् adorned with gems, रामस्य for Rama, उत्तमम् excellent, वालव्यजनम् a fan made of yak's tail, सज्जं तिष्ठति is held in readiness.
Summary
An excellent fan of yak's tail with a staff of gold studded with gems looking like diffused moonbeams was kept ready.
पदच्छेदः
| चन्द्रांशुविकचप्रख्यं | चन्द्र–अंशु–विकच–प्रख्य (१.१) |
| पाण्डुरं | पाण्डुर (१.१) |
| रत्नभूषितम् | रत्न–भूषित (√भूषय् + क्त, १.१) |
| सज्जं | सज्ज (१.१) |
| तिष्ठति | तिष्ठति (√स्था लट् प्र.पु. एक.) |
| रामस्य | राम (६.१) |
| वालव्यजनम् | वाल–व्यजन (१.१) |
| उत्तमम् | उत्तम (१.१) |
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|
| च | न्द्रां | शु | वि | क | च | प्र | ख्यं |
| पा | ण्डु | रं | र | त्न | भू | षि | तम् |
| स | ज्जं | ति | ष्ठ | ति | रा | म | स्य |
| वा | ल | व्य | ज | न | मु | त्त | मम् |