अन्वयः
राम Rama, त्वम् you, अभित्वरन् hastening up, अस्मात् this, पुरात् from this city, यावत् as long as, वनम् to the forest, न यातः do not go, तावत् till then, ते your, पिता father, स्नास्यते will neither bathe, न भोक्ष्यतेपि वा nor will eat.
M N Dutt
As long as you shall not hurriedly depart from his presence, Oh Rāma, your father shall not bathe, or eat anything.
Summary
O Rama, as long as you do not hasten to leave this city for the forest, your father will neither bathe nor eat.
पदच्छेदः
| यावत् | यावत् (अव्ययः) |
| त्वं | त्वद् (१.१) |
| न | न (अव्ययः) |
| वनं | वन (२.१) |
| यातः | यात (√या + क्त, १.१) |
| पुराद् | पुर (५.१) |
| अस्माद् | इदम् (५.१) |
| अभित्वरन् | अभित्वरत् (√अभि-त्वर् + शतृ, १.१) |
| पिता | पितृ (१.१) |
| तावन् | तावत् (अव्ययः) |
| न | न (अव्ययः) |
| ते | त्वद् (६.१) |
| राम | राम (८.१) |
| स्नास्यते | स्नास्यते (√स्ना लृट् प्र.पु. एक.) |
| भोक्ष्यते | भोक्ष्यते (√भुज् लृट् प्र.पु. एक.) |
| ऽपि | अपि (अव्ययः) |
| वा | वा (अव्ययः) |
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|
| या | व | त्त्वं | न | व | नं | या | तः |
| पु | रा | द | स्मा | द | भि | त्व | रन् |
| पि | ता | ता | व | न्न | ते | रा | म |
| स्ना | स्य | ते | भो | क्ष्य | ते | ऽपि | वा |