सा बहून्यमनोज्ञानि वाक्यानि हृदयच्छिदाम् ।
अहं श्रोष्ये सपत्नीनामवराणां वरा सती ।
अतो दुःखतरं किं नु प्रमदानां भविष्यति ॥
सा बहून्यमनोज्ञानि वाक्यानि हृदयच्छिदाम् ।
अहं श्रोष्ये सपत्नीनामवराणां वरा सती ।
अतो दुःखतरं किं नु प्रमदानां भविष्यति ॥
अन्वयः
सा अहम् such am I वरा सती being the eldest (of the queens), अवराणाम् by the younger ones, हृदयच्छिदाम् heartbreaking, सपत्नीनाम् cowives, अमनोज्ञानि unpleasant, बहूनि many, वाक्यानि words, श्रोष्ये will have to listen.M N Dutt
Myself, being the eldest of all the queens, shall have to hear unpleasant and heart-rending words from the co-wives who are all younger than I.Summary
I, being the eldest (of the queens) will have to listen to many heartbreaking and unpleasant words from my fellowwives who are younger to me.पदच्छेदः
| सा | तद् (१.१) |
| बहून्य् | बहु (२.३) |
| अमनोज्ञानि | अमनोज्ञ (२.३) |
| वाक्यानि | वाक्य (२.३) |
| हृदयच्छिदाम् | हृदय–छिद् (६.३) |
| अहं | मद् (१.१) |
| श्रोष्ये | श्रोष्ये (√श्रु लृट् उ.पु. ) |
| सपत्नीनाम् | सपत्नी (६.३) |
| अवराणां | अवर (६.३) |
| वरा | वर (१.१) |
| सती | सत् (√अस् + शतृ, १.१) |
| अतो | अतस् (अव्ययः) |
| दुःखतरं | दुःखतर (१.१) |
| किं | क (१.१) |
| नु | नु (अव्ययः) |
| प्रमदानां | प्रमदा (६.३) |
| भविष्यति | भविष्यति (√भू लृट् प्र.पु. एक.) |
छन्दः
उपजातिः [११]छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ | ९ | १० | ११ | १२ |
|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|
| सा | ब | हू | न्य | म | नो | ज्ञा | नि | वा | क्या | नि | हृ |
| द | य | च्छि | दाम् | अ | हं | श्रो | ष्ये | स | प | त्नी | ना |
| म | व | रा | णां | व | रा | स | ती | अ | तो | दुः | ख |
| त | रं | किं | नु | प्र | म | दा | नां | भ | वि | ष्य | ति |