अन्वयः
पितुः father's, वाक्यम् words (order), समतिक्रमितुम् to transgress, मम for me, शक्तिः power, नास्ति is not there, अहम् I, शिरसा bowing my head, प्रसादये I am propitiating, वनम् to forest, गन्तुम् to depart, इच्छामि wishing.
M N Dutt
There is no power in me to transgress my father's behest's; bend low I my head to you, I want to proceed to the forest.
Summary
I do not have the power to transgress the orders of my father. Bowing my head I beseech you, allow me to go to the forest.
पदच्छेदः
| नास्ति | न (अव्ययः)–अस्ति (√अस् लट् प्र.पु. एक.) |
| शक्तिः | शक्ति (१.१) |
| पितुर् | पितृ (६.१) |
| वाक्यं | वाक्य (२.१) |
| समतिक्रमितुं | समतिक्रमितुम् (√समति-क्रम् + तुमुन्) |
| मम | मद् (६.१) |
| प्रसादये | प्रसादये (√प्र-सादय् लट् उ.पु. ) |
| त्वां | त्वद् (२.१) |
| शिरसा | शिरस् (३.१) |
| गन्तुम् | गन्तुम् (√गम् + तुमुन्) |
| इच्छाम्य् | इच्छामि (√इष् लट् उ.पु. ) |
| अहं | मद् (१.१) |
| वनम् | वन (२.१) |
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|
| ना | स्ति | श | क्तिः | पि | तु | र्वा | क्यं |
| स | म | ति | क्र | मि | तुं | म | म |
| प्र | सा | द | ये | त्वां | शि | र | सा |
| ग | न्तु | मि | च्छा | म्य | हं | व | नम् |