अन्वयः
राघवः Rama, येन for which, राष्ट्रात् from the kingdom, वनवासाय to dwell in the forest, निर्वास्यते is banished, तथाविधम् such, अस्य his, अपराधं offence, न पश्यामि do not see, दोषम् अपि fault also, न not.
M N Dutt
I do not see any such fault or sin in Rāma that he should be banished from the kingdom to range in the wood.
Summary
I do not see any fault in Rama nor any offence committed by him for which he is exiled from the kingdom.
पदच्छेदः
| नास्यापराधं | न (अव्ययः)–इदम् (६.१)–अपराध (२.१) |
| पश्यामि | पश्यामि (√दृश् लट् उ.पु. ) |
| नापि | न (अव्ययः)–अपि (अव्ययः) |
| दोषं | दोष (२.१) |
| तथाविधम् | तथाविध (२.१) |
| येन | यद् (३.१) |
| निर्वास्यते | निर्वास्यते (√निर्-वासय् प्र.पु. एक.) |
| राष्ट्राद् | राष्ट्र (५.१) |
| वनवासाय | वन–वास (४.१) |
| राघवः | राघव (१.१) |
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|
| ना | स्या | प | रा | धं | प | श्या | मि |
| ना | पि | दो | षं | त | था | वि | धम् |
| ये | न | नि | र्वा | स्य | ते | रा | ष्ट्रा |
| द्व | न | वा | सा | य | रा | घ | वः |