अन्वयः
राजवृत्तम् leading the life of a king, अनुस्मरन् remembering, कः पुत्रः which son, पुनः again, बाल्यम् childhood, उपेयुषः regained, राज्ञः king's, तत् इदं वचनम् that such words, हृदये in the heart, कुर्यात् will accept?
M N Dutt
What son, remembering his father's conduct, shall carry in his heart these words of the king, who has again gone back to childhood?
Summary
Will any son with the ideals of a king in mind accept such words of this king who has entered his chilhood again ?
पदच्छेदः
| तद् | तद् (२.१) |
| इदं | इदम् (२.१) |
| वचनं | वचन (२.१) |
| राज्ञः | राजन् (५.१) |
| पुनर् | पुनर् (अव्ययः) |
| बाल्यम् | बाल्य (२.१) |
| उपेयुषः | उपेयिवस् (√उप-इ + क्वसु, ६.१) |
| पुत्रः | पुत्र (१.१) |
| को | क (१.१) |
| हृदये | हृदय (७.१) |
| कुर्याद् | कुर्यात् (√कृ विधिलिङ् प्र.पु. एक.) |
| राजवृत्तम् | राजन्–वृत्त (२.१) |
| अनुस्मरन् | अनुस्मरत् (√अनु-स्मृ + शतृ, १.१) |
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|
| त | दि | दं | व | च | नं | रा | ज्ञः |
| पु | न | र्बा | ल्य | मु | पे | यु | षः |
| पु | त्रः | को | हृ | द | ये | कु | र्या |
| द्रा | ज | वृ | त्त | म | नु | स्म | रन् |