अन्वयः
नरर्षभः best among men (Lakshmana), तदा तु then, भ्रुवो: brows, मध्ये in between, भ्रुकुटीम् a frown, बध्द्वा having knitted, बिलस्थः in its hole, रोषितः seized with anger, महासर्पः great serpent, इव like, निशश्वास hissed.
Summary
Lakshmana, frowning between his eyebrows, hissed like a great serpent seized with anger in its hole.
पदच्छेदः
| तदा | तदा (अव्ययः) |
| तु | तु (अव्ययः) |
| बद्ध्वा | बद्ध्वा (√बन्ध् + क्त्वा) |
| भ्रुकुटीं | भ्रुकुटि (२.१) |
| भ्रुवोर् | भ्रू (६.२) |
| मध्ये | मध्य (७.१) |
| नरर्षभः | नर–ऋषभ (१.१) |
| निशश्वास | निशश्वास (√नि-श्वस् लिट् प्र.पु. एक.) |
| महासर्पो | महत्–सर्प (१.१) |
| बिलस्थ | बिल–स्थ (१.१) |
| इव | इव (अव्ययः) |
| रोषितः | रोषित (√रोषय् + क्त, १.१) |
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|
| त | दा | तु | ब | द्ध्वा | भ्रु | कु | टीं |
| भ्रु | वो | र्म | ध्ये | न | र | र्ष | भ |
| नि | श | श्वा | स | म | हा | स | र्पो |
| बि | ल | स्थ | इ | व | रो | षि | तः |