पदच्छेदः
| अमित्रदमनार्थं | अमित्र–दमन–अर्थ (२.१) |
| मे | मद् (६.१) |
| सर्वम् | सर्व (१.१) |
| एतच् | एतद् (१.१) |
| चतुष्टयम् | चतुष्टय (१.१) |
| न | न (अव्ययः) |
| चाहं | च (अव्ययः)–मद् (१.१) |
| कामये | कामये (√कामय् लट् उ.पु. ) |
| ऽत्यर्थं | अत्यर्थम् (अव्ययः) |
| यः | यद् (१.१) |
| स्याच् | स्यात् (√अस् विधिलिङ् प्र.पु. एक.) |
| छत्रुर् | शत्रु (१.१) |
| मतो | मत (√मन् + क्त, १.१) |
| मम | मद् (६.१) |
छन्दः
अनुष्टुप् [८]छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|---|---|---|---|---|---|---|
| अ | मि | त्र | द | म | ना | र्थं | मे |
| स | र्व | मे | त | च्च | तु | ष्ट | यम् |
| न | चा | हं | का | म | ये | ऽत्य | र्थं |
| यः | स्या | च्छ | त्रु | र्म | तो | म | म |