अन्वयः
शेषाः the rest of them, या मम मातरः my mothers, ते to you also, नित्यम् always, वन्दितव्याः should be respected, मम my, मातरः mothers, स्नेहप्रणय सम्भोगैः with love, affection and service, समाः हि are equal.
M N Dutt
You should then bow down to my other mothers who all minister to me, with equal love and affection.
Summary
In terms of love, affection and service, the rest of my mothers are all equal. Therefore, you must pay them due respect regularly.
पदच्छेदः
| वन्दितव्याश् | वन्दितव्य (√वन्द् + कृत्, १.३) |
| च | च (अव्ययः) |
| ते | त्वद् (४.१) |
| नित्यं | नित्यम् (अव्ययः) |
| याः | यद् (१.३) |
| शेषा | शेष (१.३) |
| मम | मद् (६.१) |
| मातरः | मातृ (१.३) |
| स्नेहप्रणयसम्भोगैः | स्नेह–प्रणय–सम्भोग (३.३) |
| समा | सम (१.३) |
| हि | हि (अव्ययः) |
| मम | मद् (६.१) |
| मातरः | मातृ (१.३) |
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|
| व | न्दि | त | व्या | श्च | ते | नि | त्यं |
| याः | शे | षा | म | म | मा | त | रः |
| स्ने | ह | प्र | ण | य | सं | भो | गैः |
| स | मा | हि | म | म | मा | त | रः |