अन्वयः
आत्मवान् selfpossessed, रामः Rama, आगतम् having arrived, तं लक्ष्मणम् to that Lakshmana, प्रीत्या affectionately, उवाच said, सौम्य O handsome, लक्ष्मण Lakshmana, त्वम् you, मम to me, काङ्क्षिते काले at the desired moment, आगतः have come.
Summary
O handsome Lakshmana, you have come at the expected time, said the selfpossessed Rama affectionately when he saw him arrive.
पदच्छेदः
| तम् | तद् (२.१) |
| उवाचात्मवान् | उवाच (√वच् लिट् प्र.पु. एक.)–आत्मवत् (१.१) |
| रामः | राम (१.१) |
| प्रीत्या | प्रीति (३.१) |
| लक्ष्मणम् | लक्ष्मण (२.१) |
| आगतम् | आगत (√आ-गम् + क्त, २.१) |
| काले | काल (७.१) |
| त्वम् | त्वद् (१.१) |
| आगतः | आगत (√आ-गम् + क्त, १.१) |
| सौम्य | सौम्य (८.१) |
| काङ्क्षिते | काङ्क्षित (√काङ्क्ष् + क्त, ७.१) |
| मम | मद् (६.१) |
| लक्ष्मण | लक्ष्मण (८.१) |
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|
| त | मु | वा | चा | त्म | वा | न्रा | मः |
| प्री | त्या | ल | क्ष्म | ण | मा | ग | तम् |
| का | ले | त्व | मा | ग | तः | सौ | म्य |
| का | ङ्क्षि | ते | म | म | ल | क्ष्म | ण |