अन्वयः
इह here, गुरुषु among teachers, दृढम् deep, भक्त्या with devotion, द्विजसत्तमाः best of brahmins, वसन्ति are living, तेषामपि च for them, भूयः also, सर्वेषाम् for all, मे my, उपजीविनां च to my dependents.
Summary
Here live the best of brahmins who are deeply devoted to their teachers along with those who are dependent on me for their livelihood.
पदच्छेदः
| वसन्तीह | वसन्ति (√वस् लट् प्र.पु. बहु.)–इह (अव्ययः) |
| दृढं | दृढ (२.१) |
| भक्त्या | भक्ति (३.१) |
| गुरुषु | गुरु (७.३) |
| द्विजसत्तमाः | द्विजसत्तम (१.३) |
| तेषाम् | तद् (६.३) |
| अपि | अपि (अव्ययः) |
| च | च (अव्ययः) |
| मे | मद् (६.१) |
| भूयः | भूयस् (अव्ययः) |
| सर्वेषां | सर्व (६.३) |
| चोपजीविनाम् | च (अव्ययः)–उपजीविन् (६.३) |
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|
| व | स | न्ती | ह | दृ | ढं | भ | क्त्या |
| गु | रु | षु | द्वि | ज | स | त्त | माः |
| ते | षा | म | पि | च | मे | भू | यः |
| स | र्वे | षां | चो | प | जी | वि | नाम् |