अन्वयः
यस्याः for (Kausalya), उपजीवनम् sustenance, ग्रामाणाम् of villages, सहस्रम् one thousand, सम्प्राप्तम् has been obtained, आर्या noble lady, कौशल्या Kausalya, मद्विधान् men like me, सहस्रमपि even one thousand, बिभृयात् she can support.
Summary
Noble Kausalya has under her charge a thousand villages for her sustenance. She can support a thousand men like me.
पदच्छेदः
| कौसल्या | कौसल्या (१.१) |
| बिभृयाद् | बिभृयात् (√भृ विधिलिङ् प्र.पु. एक.) |
| आर्या | आर्य (१.१) |
| सहस्रम् | सहस्र (२.१) |
| अपि | अपि (अव्ययः) |
| मद्विधान् | मद्विध (२.३) |
| यस्याः | यद् (६.१) |
| सहस्रं | सहस्र (१.१) |
| ग्रामाणां | ग्राम (६.३) |
| सम्प्राप्तम् | सम्प्राप्त (√सम्प्र-आप् + क्त, १.१) |
| उपजीवनम् | उपजीवन (१.१) |
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|
| कौ | स | ल्या | बि | भृ | या | दा | र्या |
| स | ह | स्र | म | पि | म | द्वि | धान् |
| य | स्याः | स | ह | स्रं | ग्रा | मा | णां |
| सं | प्रा | प्त | मु | प | जी | व | नम् |