अन्वयः
ततः thereafter, सः he, भ्रातुः brother's, शुभतरम् very much auspicious, प्रियम् pleasing, शासनम् command, आज्ञाय having understood, आशु immediately, गत्वा having gone, सुयज्ञस्य Suyajna's, निवेशनम् house, प्रविवेश entered.
Summary
Lakshmana having understood the very auspicious and welcome order (of Rama) immediately proceeded to the house of Suyajna.
पदच्छेदः
| ततः | ततस् (अव्ययः) |
| शासनम् | शासन (२.१) |
| आज्ञाय | आज्ञाय (√आ-ज्ञा + ल्यप्) |
| भ्रातुः | भ्रातृ (६.१) |
| शुभतरं | शुभतर (२.१) |
| प्रियम् | प्रिय (२.१) |
| गत्वा | गत्वा (√गम् + क्त्वा) |
| स | तद् (१.१) |
| प्रविवेशाशु | प्रविवेश (√प्र-विश् लिट् प्र.पु. एक.)–आशु (अव्ययः) |
| सुयज्ञस्य | सुयज्ञ (६.१) |
| निवेशनम् | निवेशन (२.१) |
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|
| त | तः | शा | स | न | मा | ज्ञा | य |
| भ्रा | तुः | शु | भ | त | रं | प्रि | यम् |
| ग | त्वा | स | प्र | वि | वे | शा | शु |
| सु | य | ज्ञ | स्य | नि | वे | श | नम् |