अन्वयः
रामेण by Rama, इति thus, उक्तः spoken, सः सुयज्ञः that Suyajna, तत् that, प्रतिगृह्य having accepted, रामलक्ष्मणसीतानाम् to Rama, Lakshmana and Sita, शुभाः auspicious, आशिषः blessings, प्रयुयोज bestowed.
Summary
Thus addressed by Rama, Suyajna accepted the gifts and conferred auspicious blessings on Rama, Lakshmana and Sita.
पदच्छेदः
| इत्य् | इति (अव्ययः) |
| उक्तः | उक्त (√वच् + क्त, १.१) |
| स | तद् (१.१) |
| हि | हि (अव्ययः) |
| रामेण | राम (३.१) |
| सुयज्ञः | सुयज्ञ (१.१) |
| प्रतिगृह्य | प्रतिगृह्य (√प्रति-ग्रह् + ल्यप्) |
| तत् | तद् (२.१) |
| रामलक्ष्मणसीतानां | राम–लक्ष्मण–सीता (६.३) |
| प्रयुयोजाशिषः | प्रयुयोज (√प्र-युज् लिट् प्र.पु. एक.)–आशिस् (२.३) |
| शिवाः | शिव (२.३) |
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|
| इ | त्यु | क्तः | स | हि | रा | मे | ण |
| सु | य | ज्ञः | प्र | ति | गृ | ह्य | तत् |
| रा | म | ल | क्ष्म | ण | सी | ता | नां |
| प्र | यु | यो | जा | शि | षः | शि | वाः |