अन्वयः
अथ thereafter, प्रियंवद: sweettongued, रामः Rama, प्रियम् to his beloved, भ्रातरम् to his brother, तं सौमित्रिम् to Lakshmana, ब्रह्मा creator, त्रिदशेश्वरम् इव like lord of heaven, Indra, अव्यग्रम् without haste, इदम् this word, उवाच said.
Summary
Sweettongued Rama calmly said to his brother (Lakshmana) like Brahma addressing Indra:
पदच्छेदः
| अथ | अथ (अव्ययः) |
| भ्रातरम् | भ्रातृ (२.१) |
| अव्यग्रं | अव्यग्र (२.१) |
| प्रियं | प्रिय (२.१) |
| रामः | राम (१.१) |
| प्रियंवदः | प्रियंवद (१.१) |
| सौमित्रिं | सौमित्रि (२.१) |
| तम् | तद् (२.१) |
| उवाचेदं | उवाच (√वच् लिट् प्र.पु. एक.)–इदम् (२.१) |
| ब्रह्मेव | ब्रह्मन् (१.१)–इव (अव्ययः) |
| त्रिदशेश्वरम् | त्रिदशेश्वर (२.१) |
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|
| अ | थ | भ्रा | त | र | म | व्य | ग्रं |
| प्रि | यं | रा | मः | प्रि | यं | व | दः |
| सौ | मि | त्रिं | त | मु | वा | चे | दं |
| ब्र | ह्मे | व | त्रि | द | शे | श्व | रम् |