अन्वयः
ततः afterwards, रामः Rama, तं गार्ग्यम् that Gargya, अभिसान्त्वयन् consoling (him), उवाच said, मन्युः anger, न खलु कर्तव्यः should not be made, अयम् this, मम my, परिहासः a joke.
Summary
Afterwards Rama sought to placate Trijata, that descendant of Ganga, saying: This was a joke. Do not be angry.
पदच्छेदः
| उवाच | उवाच (√वच् लिट् प्र.पु. एक.) |
| च | च (अव्ययः) |
| ततो | ततस् (अव्ययः) |
| रामस् | राम (१.१) |
| तं | तद् (२.१) |
| गार्ग्यम् | गार्ग्य (२.१) |
| अभिसान्त्वयन् | अभिसान्त्वयत् (√अभि-सान्त्वय् + शतृ, १.१) |
| मन्युर् | मन्यु (१.१) |
| न | न (अव्ययः) |
| खलु | खलु (अव्ययः) |
| कर्तव्यः | कर्तव्य (√कृ + कृत्, १.१) |
| परिहासो | परिहास (१.१) |
| ह्य् | हि (अव्ययः) |
| अयं | इदम् (१.१) |
| मम | मद् (६.१) |
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|
| उ | वा | च | च | त | तो | रा | म |
| स्तं | गा | र्ग्य | म | भि | सा | न्त्व | यन् |
| म | न्यु | र्न | ख | लु | क | र्त | व्यः |
| प | रि | हा | सो | ह्य | यं | म | म |