अन्वयः
तत्र there, विभ्राजता while illumining, तेन by Rama, सा सभा that assembly, विमलग्रहनक्षत्रा with clear planets and stars, शारदी autumnal, द्यौः sky, इन्दुना इव like moon, अभिव्यरोचत dazzled.
Summary
That assembly was illumined by (the presence of) Rama like the Moon dazzling the clear autumnal sky bespangled with sparkling planets and stars.
पदच्छेदः
| तेन | तद् (३.१) |
| विभ्राजिता | विभ्राजित (√वि-भ्राज् + क्त, १.१) |
| तत्र | तत्र (अव्ययः) |
| सा | तद् (१.१) |
| सभाभिव्यरोचत | सभा (१.१)–अभिव्यरोचत (√अभिवि-रुच् लङ् प्र.पु. एक.) |
| विमलग्रहनक्षत्रा | विमल–ग्रह–नक्षत्र (१.१) |
| शारदी | शारदिन् (१.१) |
| द्यौर् | दिव् (१.१) |
| इवेन्दुना | इव (अव्ययः)–इन्दु (३.१) |
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|
| ते | न | वि | भ्रा | जि | ता | त | त्र |
| सा | स | भा | भि | व्य | रो | च | त |
| वि | म | ल | ग्र | ह | न | क्ष | त्रा |
| शा | र | दी | द्यौ | रि | वे | न्दु | ना |