अन्वयः
तस्मात् for that reason, तस्य Rama's, उपघातेन by hurting, ग्रीष्मे in summer, सलिलसङ्क्षयात् due to drying up of water, औदकानि aquatic, सत्त्वानीव like creatures, प्रजाः people, परमपीडिताः were highly tormented.
Summary
Therefore, people are deeply pained to see Rama afflicted. They look like aquatic creatures in summer when the water dries up.
पदच्छेदः
| तस्मात् | तस्मात् (अव्ययः) |
| तस्योपघातेन | तद् (६.१)–उपघात (३.१) |
| प्रजाः | प्रजा (१.३) |
| परमपीडिताः | परम–पीडित (√पीडय् + क्त, १.३) |
| औदकानीव | औदक (१.३)–इव (अव्ययः) |
| सत्त्वानि | सत्त्व (१.३) |
| ग्रीष्मे | ग्रीष्म (७.१) |
| सलिलसंक्षयात् | सलिल–संक्षय (५.१) |
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|
| त | स्मा | त्त | स्यो | प | घा | ते | न |
| प्र | जाः | प | र | म | पी | डि | ताः |
| औ | द | का | नी | व | स | त्त्वा | नि |
| ग्री | ष्मे | स | लि | ल | सं | क्ष | यात् |