अन्वयः
रामः Rama, इत्येवम् this way, नानाजनसमीरिताः uttered by various people, विविधाः different, वाचः words, शुश्राव heard, श्रुत्वा च also having, अस्य his, मानसम् mind, न विचक्रे did not deviate.
Summary
Such were the various words uttered by the people. Even after hearing them his (Rama's) mind remained unmoved (from his resolve).
पदच्छेदः
| इत्य् | इति (अव्ययः) |
| एवं | एवम् (अव्ययः) |
| विविधा | विविध (२.३) |
| वाचो | वाच् (२.३) |
| नानाजनसमीरिताः | नाना (अव्ययः)–जन–समीरित (√सम्-ईरय् + क्त, २.३) |
| शुश्राव | शुश्राव (√श्रु लिट् प्र.पु. एक.) |
| रामः | राम (१.१) |
| श्रुत्वा | श्रुत्वा (√श्रु + क्त्वा) |
| च | च (अव्ययः) |
| न | न (अव्ययः) |
| विचक्रे | विचक्रे (√वि-कृ लिट् प्र.पु. एक.) |
| ऽस्य | इदम् (६.१) |
| मानसम् | मानस (१.१) |
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|
| इ | त्ये | वं | वि | वि | धा | वा | चो |
| ना | ना | ज | न | स | मी | रि | ताः |
| शु | श्रा | व | रा | मः | श्रु | त्वा | च |
| न | वि | च | क्रे | ऽस्य | मा | न | सम् |