अन्वयः
तौ those, उभौ two, रामलक्ष्मणौ Rama and Lakshmana, सीतया सार्धम् along with Sita, तम् him (Dasaratha), बाहुभ्याम् with their arms, परिष्वज्य having embraced, रुदन्तः while wailing, पर्यङ्के on the couch, समवेशयन् seated.
Summary
Thereafter Rama and Lakshmana assisted by Sita, lifted him wailing in their arms and laid him on a couch.
पदच्छेदः
| तं | तद् (२.१) |
| परिष्वज्य | परिष्वज्य (√परि-स्वज् + ल्यप्) |
| बाहुभ्यां | बाहु (३.२) |
| ताव् | तद् (१.२) |
| उभौ | उभ् (१.२) |
| रामलक्ष्मणौ | राम–लक्ष्मण (१.२) |
| पर्यङ्के | पर्यङ्क (७.१) |
| सीतया | सीता (३.१) |
| सार्धं | सार्धम् (अव्ययः) |
| रुदन्तः | रुदत् (√रुद् + शतृ, १.३) |
| समवेशयन् | समवेशयन् (√सम्-वेशय् लङ् प्र.पु. बहु.) |
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|
| तं | प | रि | ष्व | ज्य | बा | हु | भ्यां |
| ता | वु | भौ | रा | म | ल | क्ष्म | णौ |
| प | र्य | ङ्के | सी | त | या | सा | र्धं |
| रु | द | न्तः | स | म | वे | श | यन् |