अन्वयः
ते your, दुःखम् grief, अपगच्छतु may go away, बाष्पपरिप्लुतः filled with tears, मा भूः do not become, सरिताम् of rivers, पतिः lord, दुर्धर्ष: an indomitable one, समुद्रः ocean, न क्षुभ्यति is never perturbed.
Summary
Let your grief go. Do not shed tears. The indomitable ocean, Lord of rivers, is never perturbed.
पदच्छेदः
| अपगच्छतु | अपगच्छतु (√अप-गम् लोट् प्र.पु. एक.) |
| ते | त्वद् (६.१) |
| दुःखं | दुःख (१.१) |
| मा | मा (अव्ययः) |
| भूर् | भूः (√भू म.पु. ) |
| बाष्पपरिप्लुतः | बाष्प–परिप्लुत (√परि-प्लु + क्त, १.१) |
| न | न (अव्ययः) |
| हि | हि (अव्ययः) |
| क्षुभ्यति | क्षुभ्यति (√क्षुभ् लट् प्र.पु. एक.) |
| दुर्धर्षः | दुर्धर्ष (१.१) |
| समुद्रः | समुद्र (१.१) |
| सरितां | सरित् (६.३) |
| पतिः | पति (१.१) |
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|
| अ | प | ग | च्छ | तु | ते | दुः | खं |
| मा | भू | र्बा | ष्प | प | रि | प्लु | तः |
| न | हि | क्षु | भ्य | ति | दु | र्ध | र्षः |
| स | मु | द्रः | स | रि | तां | प | तिः |