कैकेयी द्विगुणं क्रुद्धा राजानमिदमब्रवीत् ।
तवैव वंशे सगरो ज्येष्ठं पुत्रमुपारुधत् ।
असमञ्ज इति ख्यातं तथायं गन्तुमर्हति ॥
कैकेयी द्विगुणं क्रुद्धा राजानमिदमब्रवीत् ।
तवैव वंशे सगरो ज्येष्ठं पुत्रमुपारुधत् ।
असमञ्ज इति ख्यातं तथायं गन्तुमर्हति ॥
अन्वयः
तव in your, वंशे एव dynasty itself, सगरः Sagara, असमञ्जः इति as Asamanjasa, ख्यातम् wellknown, ज्येष्ठपुत्रम् eldest son, उपारुधत् was prevented (from assuming the kingdom), अयम् this Rama also, तथा in the same way, गन्तुम् to go, अर्हति is worthy of.Summary
In your own dynasty king Sagara prevented his wellknown eldest son Asamanjasa (from enjoying the kingdom). Rama also should depart in the same manner.पदच्छेदः
| कैकेयी | कैकेयी (१.१) |
| द्विगुणं | द्विगुण (२.१) |
| क्रुद्धा | क्रुद्ध (√क्रुध् + क्त, १.१) |
| राजानम् | राजन् (२.१) |
| इदम् | इदम् (२.१) |
| अब्रवीत् | अब्रवीत् (√ब्रू लङ् प्र.पु. एक.) |
| तवैव | त्वद् (६.१)–एव (अव्ययः) |
| वंशे | वंश (७.१) |
| सगरो | सगर (१.१) |
| ज्येष्ठं | ज्येष्ठ (२.१) |
| पुत्रम् | पुत्र (२.१) |
| उपारुधत् | उपारुधत् (√उप-रुध् प्र.पु. एक.) |
| असमञ्ज | असमञ्ज (१.१) |
| इति | इति (अव्ययः) |
| ख्यातं | ख्यात (√ख्या + क्त, २.१) |
| तथायं | तथा (अव्ययः)–इदम् (१.१) |
| गन्तुम् | गन्तुम् (√गम् + तुमुन्) |
| अर्हति | अर्हति (√अर्ह् लट् प्र.पु. एक.) |
छन्दः
उपजातिः [११]छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ | ९ | १० | ११ | १२ |
|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|
| कै | के | यी | द्वि | गु | णं | क्रु | द्धा | रा | जा | न | मि |
| द | म | ब्र | वीत् | त | वै | व | वं | शे | स | ग | रो |
| ज्ये | ष्ठं | पु | त्र | मु | पा | रु | धत् | अ | स | म | ञ्ज |
| इ | ति | ख्या | तं | त | था | यं | ग | न्तु | म | र्ह | ति |