अन्वयः
महाबाहुः mightyarmed, भरतश्च Bharata also, अयोध्याम् to Ayodhya, पालयिष्यति will rule, श्रीमान् auspicious, रामः Rama, सर्वकामैः सह with all objects of enjoyment, संसाध्यताम् furnish, इति thus spoke.
Summary
(While) mightyarmed Bharata will rule Ayodhya, Rama be furnished with all objects of enjoyment.
पदच्छेदः
| भरतश् | भरत (१.१) |
| च | च (अव्ययः) |
| महाबाहुर् | महत्–बाहु (१.१) |
| अयोध्यां | अयोध्या (२.१) |
| पालयिष्यति | पालयिष्यति (√पालय् लृट् प्र.पु. एक.) |
| सर्वकामैः | सर्व–काम (३.३) |
| पुनः | पुनर् (अव्ययः) |
| श्रीमान् | श्रीमत् (१.१) |
| रामः | राम (१.१) |
| संसाध्यताम् | संसाध्यताम् (√सम्-साधय् प्र.पु. एक.) |
| इति | इति (अव्ययः) |
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|
| भ | र | त | श्च | म | हा | बा | हु |
| र | यो | ध्यां | पा | ल | यि | ष्य | ति |
| स | र्व | का | मैः | पु | नः | श्री | मा |
| न्रा | मः | सं | सा | ध्य | ता | मि | ति |