अन्वयः
धर्मभृताम् among protectors of righteousness, वरः foremost, रामः Rama, क्षिप्रम् quickly, आगम्य having come forward, तत् चीरम् that bark garment, तस्याः सीतायाः Sita's, कौशेयस्य silk garment's, उपरि upon, स्वयम् himself, बबन्ध fastened.
Summary
Rama, foremost among protectors of righteousness, came forward quickly and fastened the bark himself over her silk garment.
पदच्छेदः
| तस्यास् | तद् (६.१) |
| तत् | तद् (२.१) |
| क्षिप्रम् | क्षिप्रम् (अव्ययः) |
| आगम्य | आगम्य (√आ-गम् + ल्यप्) |
| रामो | राम (१.१) |
| धर्मभृतां | धर्म–भृत् (६.३) |
| वरः | वर (१.१) |
| चीरं | चीर (२.१) |
| बबन्ध | बबन्ध (√बन्ध् लिट् प्र.पु. एक.) |
| सीतायाः | सीता (६.१) |
| कौशेयस्योपरि | कौशेय (६.१)–उपरि (अव्ययः) |
| स्वयम् | स्वयम् (अव्ययः) |
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|
| त | स्या | स्त | त्क्षि | प्र | मा | ग | म्य |
| रा | मो | ध | र्म | भृ | तां | व | रः |
| ची | रं | ब | ब | न्ध | सी | ता | याः |
| कौ | शे | य | स्यो | प | रि | स्व | यम् |