अन्वयः
पापे O wicked woman, एतत् this, रामविवासनम् the exile of Rama, ते to you, पर्याप्तं ननु is not enough, भूयः still, कृतैः by those committed, कृपणैः by the wretched, एभिः by these, पातकैरपि sins also, ते to you, किम् why?
Summary
Rama's exile, O wicked woman, is enough for you. What are you committing further heinous crimes for?
पदच्छेदः
| ननु | ननु (अव्ययः) |
| पर्याप्तम् | पर्याप्त (√परि-आप् + क्त, १.१) |
| एतत् | एतद् (१.१) |
| ते | त्वद् (४.१) |
| पापे | पाप (८.१) |
| रामविवासनम् | राम–विवासन (१.१) |
| किम् | क (१.१) |
| एभिः | इदम् (३.३) |
| कृपणैर् | कृपण (३.३) |
| भूयः | भूयस् (अव्ययः) |
| पातकैर् | पातक (३.३) |
| अपि | अपि (अव्ययः) |
| ते | त्वद् (६.१) |
| कृतैः | कृत (√कृ + क्त, ३.३) |
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|
| न | नु | प | र्या | प्त | मे | त | त्ते |
| पा | पे | रा | म | वि | वा | स | नम् |
| कि | मे | भिः | कृ | प | णै | र्भू | यः |
| पा | त | कै | र | पि | ते | कृ | तैः |