अन्वयः
वरद O bestower of boons, मया with me, विहीनाम् separated, शोकसागरम् ocean of sorrow, प्रपन्नाम् enter into, अदृष्टपूर्वव्यसनाम् experiencing such unforeseen suffering, भूयः in a greater measure, सम्मन्तुम् to care for her, अर्हसि should.
Summary
O bestower of boons, separated from me and unaccustomed to suffering, she will be plunged into an unforeseen ocean of sorrow. You should pay her greater attention.
पदच्छेदः
| मया | मद् (३.१) |
| विहीनां | विहीन (√वि-हा + क्त, २.१) |
| वरद | वर–द (८.१) |
| प्रपन्नां | प्रपन्न (√प्र-पद् + क्त, २.१) |
| शोकसागरम् | शोक–सागर (२.१) |
| अदृष्टपूर्वव्यसनां | अदृष्ट–पूर्व–व्यसन (२.१) |
| भूयः | भूयस् (अव्ययः) |
| संमन्तुम् | संमन्तुम् (√सम्-मन् + तुमुन्) |
| अर्हसि | अर्हसि (√अर्ह् लट् म.पु. ) |
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|
| म | या | वि | ही | नां | व | र | द |
| प्र | प | न्नां | शो | क | सा | ग | रम् |
| अ | दृ | ष्ट | पू | र्व | व्य | स | नां |
| भू | यः | सं | म | न्तु | म | र्ह | सि |