अन्वयः
पुरुषव्याघ्रः tiger (best) among men, तोत्रार्दितः tormented by the goads, द्विपः इव like an elephant, दुःखदम् causing agony, पितुः father's, मातुश्च mother's, तत् दर्शनम् that sight, सहितुम् to endure, न शक्तः हि was not able.
Summary
Rama the best among men, could not, like an elephant tormented by the goad, endure that pitiful sight of his father and mother.
पदच्छेदः
| न | न (अव्ययः) |
| हि | हि (अव्ययः) |
| तत् | तद् (२.१) |
| पुरुषव्याघ्रो | पुरुष–व्याघ्र (१.१) |
| दुःखदं | दुःख–द (२.१) |
| दर्शनं | दर्शन (२.१) |
| पितुः | पितृ (६.१) |
| मातुश् | मातृ (६.१) |
| च | च (अव्ययः) |
| सहितुं | सहितुम् (√सह् + तुमुन्) |
| शक्तस् | शक्त (√शक् + क्त, १.१) |
| तोत्रार्दित | तोत्र–अर्दित (√अर्दय् + क्त, १.१) |
| इव | इव (अव्ययः) |
| द्विपः | द्विप (१.१) |
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|
| न | हि | त | त्पु | रु | ष | व्या | घ्रो |
| दुः | ख | दं | द | र्श | नं | पि | तुः |
| मा | तु | श्च | स | हि | तुं | श | क्त |
| स्तो | त्रा | र्दि | त | इ | व | द्वि | पः |