अन्वयः
राज्ञः king's, जनः people, रामम् of Rama, प्रदक्षिणं कृत्वा circumanbulating him in imaginataion, न्यवर्तत returned, मानुषम् people, मनसा अपि even mentally, अश्रुवेगैश्च flow of their tears, न न्यवर्तत did not stop.
Summary
The king's men returned, with Rama circumambulated (on the plane of their minds). But from their minds they could not hold back their tears (grief).
पदच्छेदः
| न्यवर्तत | न्यवर्तत (√नि-वृत् लङ् प्र.पु. एक.) |
| जनो | जन (१.१) |
| राज्ञो | राजन् (६.१) |
| रामं | राम (२.१) |
| कृत्वा | कृत्वा (√कृ + क्त्वा) |
| प्रदक्षिणम् | प्रदक्षिण (२.१) |
| मनसाप्य् | मनस् (३.१)–अपि (अव्ययः) |
| अश्रुवेगैश् | अश्रु–वेग (३.३) |
| च | च (अव्ययः) |
| न | न (अव्ययः) |
| न्यवर्तत | न्यवर्तत (√नि-वृत् लङ् प्र.पु. एक.) |
| मानुषम् | मानुष (२.१) |
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|
| न्य | व | र्त | त | ज | नो | रा | ज्ञो |
| रा | मं | कृ | त्वा | प्र | द | क्षि | णम् |
| म | न | सा | प्य | श्रु | वे | गै | श्च |
| न | न्य | व | र्त | त | मा | नु | षम् |