अन्वयः
माता mother, वन्दमानम् who was paying homage, सौमित्रिम् her son, महाबाहुम् mightyarmed, लक्ष्मणम् of Lakshmana, मूर्ध्नि on his forehead, उपाघ्राय having smelt, रुदती wailing, हितकामा wellwisher, अब्रवीत् said.
Summary
While the mightyarmed Lakshmana paid her homage, Sumitra wailed, kissed him on his forehead, wished him well and said:
पदच्छेदः
| तं | तद् (२.१) |
| वन्दमानं | वन्दमान (√वन्द् + शानच्, २.१) |
| रुदती | रुदत् (√रुद् + शतृ, १.१) |
| माता | मातृ (१.१) |
| सौमित्रिम् | सौमित्रि (२.१) |
| अब्रवीत् | अब्रवीत् (√ब्रू लङ् प्र.पु. एक.) |
| हितकामा | हित–काम (१.१) |
| महाबाहुं | महत्–बाहु (२.१) |
| मूर्ध्न्य् | मूर्धन् (७.१) |
| उपाघ्राय | उपाघ्राय (√उपा-घ्रा + ल्यप्) |
| लक्ष्मणम् | लक्ष्मण (२.१) |
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|
| तं | व | न्द | मा | नं | रु | द | ती |
| मा | ता | सौ | मि | त्रि | म | ब्र | वीत् |
| हि | त | का | मा | म | हा | बा | हुं |
| मू | र्ध्न्यु | पा | घ्रा | य | ल | क्ष्म | णम् |