अन्वयः
राजमार्गगतः in the royal highway, जनः people, बाष्पपर्याकुलमुखः faces full of tears, कश्चित् any body, हृष्टः happy, न लक्ष्ययते could not be seen, सर्वः all, शोकपरायणः was plunged in sorrow.
Summary
The faces of the people on the highway were turbid with tears. None looked happy. All were plunged in sorrow.
पदच्छेदः
| बाष्पपर्याकुलमुखो | बाष्प–पर्याकुल–मुख (१.१) |
| राजमार्गगतो | राजमार्ग–गत (√गम् + क्त, १.१) |
| जनः | जन (१.१) |
| न | न (अव्ययः) |
| हृष्टो | हृष्ट (√हृष् + क्त, १.१) |
| लक्ष्यते | लक्ष्यते (√लक्ष् प्र.पु. एक.) |
| कश्चित् | कश्चित् (१.१) |
| सर्वः | सर्व (१.१) |
| शोकपरायणः | शोक–परायण (१.१) |
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|
| बा | ष्प | प | र्या | कु | ल | मु | खो |
| रा | ज | मा | र्ग | ग | तो | ज | नः |
| न | हृ | ष्टो | ल | क्ष्य | ते | क | श्चि |
| त्स | र्वः | शो | क | प | रा | य | णः |