अन्वयः
अनाथस्य of the orphan, दुर्बलस्य of the weak, तपस्विनः of the miserable, अस्य जनस्य of these people, यः who, गतिः refuge, शरणं च also the protector, आसीत् was, सः नाथः such protector, क्व नु गच्छति where is he now going?
Summary
Rama was a refuge and a protector to all the people who were defenceless, weak and miserable. Where is such a protector going now? (said the people).
पदच्छेदः
| अनाथस्य | अनाथ (६.१) |
| जनस्यास्य | जन (६.१)–इदम् (६.१) |
| दुर्बलस्य | दुर्बल (६.१) |
| तपस्विनः | तपस्विन् (६.१) |
| यो | यद् (१.१) |
| गतिः | गति (१.१) |
| शरणं | शरण (१.१) |
| चासीत् | च (अव्ययः)–आसीत् (√अस् लङ् प्र.पु. एक.) |
| स | तद् (१.१) |
| नाथः | नाथ (१.१) |
| क्व | क्व (अव्ययः) |
| नु | नु (अव्ययः) |
| गच्छति | गच्छति (√गम् लट् प्र.पु. एक.) |
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|
| अ | ना | थ | स्य | ज | न | स्या | स्य |
| दु | र्ब | ल | स्य | त | प | स्वि | नः |
| यो | ग | तिं | श | र | णं | चा | सी |
| त्स | ना | थः | क्व | नु | ग | च्छ | ति |