पदच्छेदः
| नाग्निहोत्राण्य् | न (अव्ययः)–अग्नि–होत्र (१.३) |
| अहूयन्त | अहूयन्त (√ह्वा प्र.पु. बहु.) |
| सूर्यश् | सूर्य (१.१) |
| चान्तरधीयत | च (अव्ययः)–अन्तरधीयत (√अन्तः-धा प्र.पु. एक.) |
| व्यसृजन् | व्यसृजन् (√वि-सृज् लङ् प्र.पु. बहु.) |
| कवलान् | कवल (२.३) |
| नागा | नाग (१.३) |
| गावो | गो (१.३) |
| वत्सान् | वत्स (५.१) |
| न | न (अव्ययः) |
| पाययन् | पाययन् (√पायय् लङ् प्र.पु. बहु.) |
छन्दः
अनुष्टुप् [८]छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|---|---|---|---|---|---|---|
| ना | ग्नि | हो | त्रा | ण्य | हू | य | न्त |
| सू | र्य | श्चा | न्त | र | धी | य | त |
| व्य | सृ | ज | न्क | व | ला | न्ना | गा |
| गा | वो | व | त्सा | न्न | पा | य | यन् |