अन्वयः
भूमिपः the king, यदा when, अस्य रामस्य that Rama's, रजोऽपि even the dust, न पश्यति could not see, तदा then, आर्तः च stricken with grief, विषण्णः च with despondency, धरणीतले on the earth, पपात fell down.
Summary
When the king could no longer see even the dust, he fell on the ground, despondent and grief stricken.
पदच्छेदः
| न | न (अव्ययः) |
| पश्यति | पश्यति (√दृश् लट् प्र.पु. एक.) |
| रजो | रजस् (२.१) |
| ऽप्य् | अपि (अव्ययः) |
| अस्य | इदम् (६.१) |
| यदा | यदा (अव्ययः) |
| रामस्य | राम (६.१) |
| भूमिपः | भूमिप (१.१) |
| तदार्तश् | तदा (अव्ययः)–आर्त (१.१) |
| च | च (अव्ययः) |
| विषण्णश् | विषण्ण (√वि-सद् + क्त, १.१) |
| च | च (अव्ययः) |
| पपात | पपात (√पत् लिट् प्र.पु. एक.) |
| धरणीतले | धरणी–तल (७.१) |
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|
| न | प | श्य | ति | र | जो | ऽप्य | स्य |
| य | दा | रा | म | स्य | भू | मि | पः |
| त | दा | र्त | श्च | वि | ष | ण्ण | श्च |
| प | पा | त | ध | र | णी | त | ले |