अन्वयः
नयेन with rectitude, धर्मेण with virtue, विनयेन च also with humility, सम्पन्नः endowed with, राजा king, तां कैकेयीम् to that Kaikeyi, समीक्ष्य having seen, व्यथितेन्द्रियः one with painful senses reeling, उवाच said.
Summary
The king, endowed with rectitude, virtue and also humility, stared at and said to Kaikeyi with pain.
पदच्छेदः
| तां | तद् (२.१) |
| नयेन | नय (३.१) |
| च | च (अव्ययः) |
| सम्पन्नो | सम्पन्न (√सम्-पद् + क्त, १.१) |
| धर्मेण | धर्म (३.१) |
| विनयेन | विनय (३.१) |
| च | च (अव्ययः) |
| उवाच | उवाच (√वच् लिट् प्र.पु. एक.) |
| राजा | राजन् (१.१) |
| कैकेयीं | कैकेयी (२.१) |
| समीक्ष्य | समीक्ष्य (√सम्-ईक्ष् + ल्यप्) |
| व्यथितेन्द्रियः | व्यथित (√व्यथ् + क्त)–इन्द्रिय (१.१) |
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|
| तां | न | ये | न | च | सं | प | न्नो |
| ध | र्मे | ण | नि | व | ये | न | च |
| उ | वा | च | रा | जा | कै | के | यीं |
| स | मी | क्ष्य | व्य | थि | ते | न्द्रि | यः |