अन्वयः
भरतः Bharata, इतः पुरात् from this city, यावदेव while, विप्रोषितः away from, तावदेव till that time, ते to you, अभिषेकः consecration, प्राप्तकालः favourable time, मम(मे) my, मतः opinion.
Summary
While Bharata is away from the city, the time is favourable for your installation. This is my opinion.
पदच्छेदः
| विप्रोषितश् | विप्रोषित (√विप्र-वस् + क्त, १.१) |
| च | च (अव्ययः) |
| भरतो | भरत (१.१) |
| यावद् | यावत् (अव्ययः) |
| एव | एव (अव्ययः) |
| पुराद् | पुर (५.१) |
| इतः | इतस् (अव्ययः) |
| तावद् | तावत् (अव्ययः) |
| एवाभिषेकस् | एव (अव्ययः)–अभिषेक (१.१) |
| ते | त्वद् (६.१) |
| प्राप्तकालो | प्राप्त (√प्र-आप् + क्त)–काल (१.१) |
| मतो | मत (√मन् + क्त, १.१) |
| मम | मद् (६.१) |
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|
| वि | प्रो | षि | त | श्च | भ | र | तो |
| या | व | दे | व | पु | रा | दि | तः |
| ता | व | दे | वा | भि | षे | क | स्ते |
| प्रा | प्त | का | लो | म | तो | म | म |