अन्वयः
पुनः again, तस्य his, आगमनम् arrival, द्वाः स्धैः by doorkeepers, रामाय to Rama, आवेदितम् was reported, तम् him, प्राप्तम् had arrived, श्रुत्वा एव on listening, रामः Rama, शङ्कान्वितः अभवत् was filled with apprehensions.
Summary
The doorkeepers informed Rama of Sumantra's arrival. As soon as he learnt that Sumantra was back again, Rama was filled with apprehensions.
पदच्छेदः
| द्वाःस्थैर् | द्वाःस्थ (३.३) |
| आवेदितं | आवेदित (√आ-वेदय् + क्त, १.१) |
| तस्य | तद् (६.१) |
| रामायागमनं | राम (४.१)–आगमन (१.१) |
| पुनः | पुनर् (अव्ययः) |
| श्रुत्वैव | श्रुत्वा (√श्रु + क्त्वा)–एव (अव्ययः) |
| चापि | च (अव्ययः)–अपि (अव्ययः) |
| रामस् | राम (१.१) |
| तं | तद् (२.१) |
| प्राप्तं | प्राप्त (√प्र-आप् + क्त, २.१) |
| शङ्कान्वितो | शङ्का–अन्वित (१.१) |
| ऽभवत् | अभवत् (√भू लङ् प्र.पु. एक.) |
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|
| द्वाः | स्थै | रा | वे | दि | तं | त | स्य |
| रा | मा | या | ग | म | नं | पु | नः |
| श्रु | त्वै | व | चा | पि | रा | म | स्तं |
| प्रा | प्तं | श | ङ्का | न्वि | तो | ऽभ | वत् |