अन्वयः
ततः thereafter, सूतः charioteer, तम् addressing him, उवाच spoke, राजा king, त्वाम् you, द्रष्टुम् to see, इच्छति desires, श्रुत्वा having heard, अत्र in this matter, गमनाय either to go, इतराय वा or otherwise, त्वम् you alone, प्रमाणम् are the authority.
Summary
Then Sumantra replied, 'The king desires to see you. To go or not to go, the decision is yours'.
पदच्छेदः
| तम् | तद् (२.१) |
| उवाच | उवाच (√वच् लिट् प्र.पु. एक.) |
| ततः | ततस् (अव्ययः) |
| सूतो | सूत (१.१) |
| राजा | राजन् (१.१) |
| त्वां | त्वद् (२.१) |
| द्रष्टुम् | द्रष्टुम् (√दृश् + तुमुन्) |
| इच्छति | इच्छति (√इष् लट् प्र.पु. एक.) |
| श्रुत्वा | श्रुत्वा (√श्रु + क्त्वा) |
| प्रमाणम् | प्रमाण (२.१) |
| अत्र | अत्र (अव्ययः) |
| त्वं | त्वद् (१.१) |
| गमनायेतराय | गमन (४.१)–इतर (४.१) |
| वा | वा (अव्ययः) |
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|
| त | मु | वा | च | त | तः | सू | तो |
| रा | जा | त्वां | द्र | ष्टु | मि | च्छ | ति |
| श्रु | त्वा | प्र | मा | ण | म | त्र | त्वं |
| ग | म | ना | ये | त | रा | य | वा |