अन्वयः
रामः Rama, प्रकृतिभिः with the subjects, गोकुलाकुलतीरायाः of that bank crowded with herds of cattle, तमसायाः Tamasa, विदूरतः not very far, तां रात्रिम् that night, तत्र there, अवसत् lived.
M N Dutt
Rāma abode that night along with the subjects at some distance from the banks of the Tamasā filled with kine.
Summary
Rama spent the night with his subjects not very far from the bank of Tamasa which was crowded with herds of cattle.
पदच्छेदः
| गोकुलाकुलतीरायास् | गोकुल–आकुल–तीर (५.१) |
| तमसाया | तमसा (५.१) |
| विदूरतः | विदूर (५.१) |
| अवसत् | अवसत् (√वस् लङ् प्र.पु. एक.) |
| तत्र | तत्र (अव्ययः) |
| तां | तद् (२.१) |
| रात्रिं | रात्रि (२.१) |
| रामः | राम (१.१) |
| प्रकृतिभिः | प्रकृति (३.३) |
| सह | सह (अव्ययः) |
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|
| गो | कु | ला | कु | ल | ती | रा | या |
| स्त | म | सा | या | वि | दू | र | तः |
| अ | व | स | त्त | त्र | तां | रा | त्रिं |
| रा | मः | प्र | कृ | ति | भिः | स | ह |