अन्वयः
सः रामः that Rama, पुरा formerly, राज्ञा by the king, मनुना by Manu, इक्ष्वाकवे to Ikshvaku, दत्ताम् bestowed, स्फीताम् vast tracts, राष्ट्रावृताम् encircled by kingdoms, महीम् land, वैदेहीम् to Sita, अन्वदर्शयत् showed.
M N Dutt
Here Rāma showed to Vaidehi those flourishing regions that had formerly been conferred by king Manu on Ikşvāku, and which teemed with populous tracts.
Summary
Rama showed Sita vast tracts of land encircled by kingdoms which were formerly bestowed upon Ikshvaku by emperor Manu.
पदच्छेदः
| स | तद् (१.१) |
| महीं | मही (२.१) |
| मनुना | मनु (३.१) |
| राज्ञा | राजन् (३.१) |
| दत्ताम् | दत्त (√दा + क्त, २.१) |
| इक्ष्वाकवे | इक्ष्वाकु (४.१) |
| पुरा | पुरा (अव्ययः) |
| स्फीतां | स्फीत (२.१) |
| राष्ट्रावृतां | राष्ट्र–आवृत (√आ-वृ + क्त, २.१) |
| रामो | राम (१.१) |
| वैदेहीम् | वैदेही (२.१) |
| अन्वदर्शयत् | अन्वदर्शयत् (√अनु-दर्शय् लङ् प्र.पु. एक.) |
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|
| स | म | हीं | म | नु | ना | रा | ज्ञा |
| द | त्ता | मि | क्ष्वा | क | वे | पु | रा |
| स्फी | तां | रा | ष्ट्रा | वृ | तां | रा | मो |
| वै | दे | ही | म | न्व | द | र्श | यत् |