पदच्छेदः
| पद्भ्याम् | पद् (३.२) |
| अभिगमाच् | अभिगम (५.१) |
| चैव | च (अव्ययः)–एव (अव्ययः) |
| स्नेहसंदर्शनेन | स्नेह–संदर्शन (३.१) |
| च | च (अव्ययः) |
| भुजाभ्यां | भुज (३.२) |
| साधुवृत्ताभ्यां | साधु–वृत्त (३.२) |
| पीडयन् | पीडयत् (√पीडय् + शतृ, १.१) |
| वाक्यम् | वाक्य (२.१) |
| अब्रवीत् | अब्रवीत् (√ब्रू लङ् प्र.पु. एक.) |
छन्दः
अनुष्टुप् [८]छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|---|---|---|---|---|---|---|
| प | द्भ्या | म | भि | ग | मा | च्चै | व |
| स्ने | ह | सं | द | र्श | ने | न | च |
| भु | जा | भ्यां | सा | धु | वृ | त्ता | भ्यां |
| पी | ड | य | न्वा | क्य | म | ब्र | वीत् |