अन्वयः
लक्ष्मणश्च Lakshmana, सुमन्त्रश्च Sumantra, राघवम् Rama, बाढमित्येव 'Be it so', उक्त्वा saying, तदा then, हयैः with horses, तम् that, इङ्गुदीवृक्षम् ingudi tree, उपययतुः both approached.
M N Dutt
Thereupon saying to Rāghava, “Very well,” Lakşinana and Sumantra with the horses went to the Ingudi tree.
Summary
Lakshmana and Sumantra agreed with Rama, saying 'Be it so' and turned the horses towards that ingudi tree.
पदच्छेदः
| लक्ष्मणश् | लक्ष्मण (१.१) |
| च | च (अव्ययः) |
| सुमन्त्रश् | सुमन्त्र (१.१) |
| च | च (अव्ययः) |
| बाढम् | बाढ (२.१) |
| इत्य् | इति (अव्ययः) |
| एव | एव (अव्ययः) |
| राघवम् | राघव (२.१) |
| उक्त्वा | उक्त्वा (√वच् + क्त्वा) |
| तम् | तद् (२.१) |
| इङ्गुदीवृक्षं | इङ्गुद–वृक्ष (२.१) |
| तदोपययतुर् | तदा (अव्ययः)–उपययतुः (√उप-या लिट् प्र.पु. द्वि.) |
| हयैः | हय (३.३) |
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|
| ल | क्ष | ण | श्च | सु | म | न्त्र | श्च |
| बा | ढ | मि | त्ये | व | रा | घ | वम् |
| उ | क्त्वा | त | मि | ङ्गु | दी | वृ | क्षं |
| त | दो | प | य | य | तु | र्ह | यैः |