अन्वयः
तात dear Lakshmana, अयम् now it is, भास्करोदयकालः time for sunrise, भगवती venerable, निशा night, गता is over, सुकृष्ण: deep dark, विहगः bird, असौ कोकिलः cuckoo, कूजति is singing.
Summary
O dear Lakshmana the holy night is over and it is time for sunrise. The deep dark bird, the cuckoo is singing.
पदच्छेदः
| भास्करोदयकालो | भास्कर–उदय–काल (१.१) |
| ऽयं | इदम् (१.१) |
| गता | गत (√गम् + क्त, १.१) |
| भगवती | भगवत् (१.१) |
| निशा | निशा (१.१) |
| असौ | अदस् (१.१) |
| सुकृष्णो | सु (अव्ययः)–कृष्ण (१.१) |
| विहगः | विहग (१.१) |
| कोकिलस् | कोकिल (१.१) |
| तात | तात (८.१) |
| कूजति | कूजति (√कूज् लट् प्र.पु. एक.) |
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|
| भा | स्क | रो | द | य | का | लो | ऽयं |
| ग | ता | भ | ग | व | ती | नि | शा |
| अ | सौ | सु | कृ | ष्णो | वि | ह | गः |
| को | कि | ल | स्ता | त | कू | ज | ति |