अन्वयः
राघव Rama, तत्र there, अस्मिन् वनान्ते in the middle of the forest, अभितः throughout, कुञ्जरयूथानि herds of elephants, मृगयूथानि च and herds of deer, विचरन्ति range about, तानि all that, द्रक्षयसि you will see.
Summary
You will see, O Rama, herds of elephants and deer ranging in the forest.
पदच्छेदः
| तत्र | तत्र (अव्ययः) |
| कुञ्जरयूथानि | कुञ्जर–यूथ (१.३) |
| मृगयूथानि | मृग–यूथ (१.३) |
| चाभितः | च (अव्ययः)–अभितस् (अव्ययः) |
| विचरन्ति | विचरन्ति (√वि-चर् लट् प्र.पु. बहु.) |
| वनान्तेषु | वनान्त (७.३) |
| तानि | तद् (२.३) |
| द्रक्ष्यसि | द्रक्ष्यसि (√दृश् लृट् म.पु. ) |
| राघव | राघव (८.१) |
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|
| त | त्र | कु | ञ्ज | र | यू | था | नि |
| मृ | ग | यू | था | नि | चा | भि | तः |
| वि | च | र | न्ति | व | ना | न्ते | षु |
| ता | नि | द्र | क्ष्य | सि | रा | घ | व |