अन्वयः
सः मुनिः that ascetic(Vasistha), इति thus, उक्त्वा having spoken, यतव्रतम् observing vow, वैदेह्या सहितम् together with Sita, रामम् Rama, तदा then, मन्त्रवत् in accompaniment with sacred hymns, उपवासम् fast, कारयामास made (to undertake).
Summary
The ascetic (Vasistha) having thus spoken to Rama made him undertake fast along with Sita in accompaniment with sacred hymns.
पदच्छेदः
| इत्य् | इति (अव्ययः) |
| उक्त्वा | उक्त्वा (√वच् + क्त्वा) |
| स | तद् (१.१) |
| तदा | तदा (अव्ययः) |
| रामम् | राम (२.१) |
| उपवासं | उपवास (२.१) |
| यतव्रतम् | यत (√यम् + क्त)–व्रत (२.१) |
| मन्त्रवत् | मन्त्रवत् (अव्ययः) |
| कारयामास | कारयामास (√कारय् प्र.पु. एक.) |
| वैदेह्या | वैदेही (३.१) |
| सहितं | सहित (२.१) |
| मुनिः | मुनि (१.१) |
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|
| इ | त्यु | क्त्वा | स | त | दा | रा | म |
| मु | प | वा | सं | य | त | व्र | तम् |
| म | न्त्र | व | त्का | र | या | मा | स |
| वै | दे | ह्या | स | हि | तं | मु | निः |