अन्वयः
सः वसिष्ठः that Vasistha, राजभवनप्रख्यात् resembling a royal palace, तस्मात् from that, रामनिवेशनात् abode of Rama, निर्गत्य having emerged, जनसंवृतम् filled with people, मार्गम् highway, ददृशे beheld.
Summary
Vasistha thereafter emerged from the abode of Rama resembling a royal palace and beheld the highways filled with people.
पदच्छेदः
| स | तद् (१.१) |
| राजभवनप्रख्यात् | राजन्–भवन–प्रख्या (५.१) |
| तस्माद् | तद् (५.१) |
| रामनिवेशनात् | राम–निवेशन (५.१) |
| निर्गत्य | निर्गत्य (√निः-गम् + ल्यप्) |
| ददृशे | ददृशे (√दृश् लिट् प्र.पु. एक.) |
| मार्गं | मार्ग (२.१) |
| वसिष्ठो | वसिष्ठ (१.१) |
| जनसंवृतम् | जन–संवृत (√सम्-वृ + क्त, २.१) |
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|
| स | रा | ज | भ | व | न | प्र | ख्या |
| त्त | स्मा | द्रा | म | नि | वे | श | नात् |
| नि | र्ग | त्य | द | दृ | शे | मा | र्गं |
| व | सि | ष्ठो | ज | न | सं | वृ | तम् |