अन्वयः
तदा then, जनबृन्दोर्मिसंघर्षहर्षस्वनवतः the exultation of the multitudes resembled the roar of the clashing of waves, राजमार्गस्य of the highways, निस्वनः sound, सागरस्येव like that of the roaring sea, बभूव emerged.
Summary
The highways resembled the sea and the exultation of the multitudes, the roar that emanated from the clashing of waves.
पदच्छेदः
| जनवृन्दोर्मिसंघर्षहर्षस्वनवतस् | जन–वृन्द–ऊर्मि–संघर्ष–हर्ष–स्वनवत् (६.१) |
| तदा | तदा (अव्ययः) |
| बभूव | बभूव (√भू लिट् प्र.पु. एक.) |
| राजमार्गस्य | राजमार्ग (६.१) |
| सागरस्येव | सागर (६.१)–इव (अव्ययः) |
| निस्वनः | निस्वन (१.१) |
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|
| ज | न | वृ | न्दो | र्मि | सं | घ | र्ष |
| ह | र्ष | स्व | न | व | त | स्त | दा |
| ब | भू | व | रा | ज | मा | र्ग | स्य |
| सा | ग | र | स्ये | व | नि | स्व | नः |