अन्वयः
सः he, सिताभ्रशिखरप्रख्यम् looking like the peak of a mountain covered with white clouds, प्रासादम् royal palace, अधिरुह्य having ascended, बृहस्पतिः Brihaspati, शक्रेणेव like Indra, नरेन्द्रेण with king, समीयाय met.
Summary
Having ascended the royal palace resembling the peak of a mountain covered with white clouds, Vasistha approached the king like Brihaspati meeting Indra.
पदच्छेदः
| सिताभ्रशिखरप्रख्यं | सित–अभ्र–शिखर–प्रख्या (२.१) |
| प्रासादम् | प्रासाद (२.१) |
| अधिरुह्य | अधिरुह्य (√अधि-रुह् + ल्यप्) |
| सः | तद् (१.१) |
| समियाय | समियाय (√सम्-इ लिट् प्र.पु. एक.) |
| नरेन्द्रेण | नरेन्द्र (३.१) |
| शक्रेणेव | शक्र (३.१)–इव (अव्ययः) |
| बृहस्पतिः | बृहस्पति (१.१) |
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|
| सि | ता | भ्र | शि | ख | र | प्र | ख्यं |
| प्रा | स | द | म | धि | रु | ह्य | सः |
| स | मि | या | य | न | रे | न्द्रे | ण |
| श | क्रे | णे | व | बृ | ह | स्प | तिः |